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LinkLift

बिहार का अपना मोबिलिटी ऐप

हर सीट, हर सफ़र, हर ट्रक — भरा हुआ।

दरभंगा छोड़ने वाली कैब अक्सर खाली लौटती है — और उसका पैसा आप देते हैं। LinkLift वही खाली सीटें, वापसी की गाड़ियाँ और ट्रक की जगह बेचता है, इसलिए सफ़र सस्ता और ड्राइवर की कमाई दोनों तरफ़।

  • ✓ सिर्फ़ पीली नंबर प्लेट
  • ✓ KYC ड्राइवर, लाइव ट्रैकिंग, SOS
  • ✓ UPI या कैश

सेवाएँ

एक ऐप — सीट, कैब, ग्रुप, ट्रक, पार्सल

कैसे काम करता है

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    कहाँ और कब बताइए

    अभी शहर में, कल इंटरसिटी, अगले महीने शादी, या 500 किलो सामान मुज़फ़्फ़रपुर।

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    असली विकल्प देखिए

    पहले से जा रही गाड़ियों की सीटें, आपके शहर लौटती कैब, तय किराए वाली वेरिफ़ाइड गाड़ियाँ।

  3. 3

    सफ़र, ट्रैक, पेमेंट

    पिकअप पर OTP, लाइव ट्रैकिंग और SOS, UPI या कैश। ड्राइवर को रेटिंग दीजिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

LinkLift किन शहरों में है?

शुरुआत पटना और तीन रूट से: पटना–मुज़फ़्फ़रपुर, पटना–दरभंगा, पटना–गया/बोधगया। फिर बिहार के 13 और ज़िले।

सीट शेयर सुरक्षित है?

हर ड्राइवर और गाड़ी KYC, कमर्शियल परमिट, पुलिस वेरिफ़िकेशन और बीमा के साथ। लाइव ट्रैकिंग, ट्रिप शेयर, SOS बटन और सिर्फ़-महिला विकल्प।

किराया कैसे तय होता है?

इंटरसिटी और शेड्यूल राइड का किराया पहले से तय। शहर में हल्का सर्ज, क़ानूनी 2× सीमा से बहुत नीचे। पूरा ब्रेक-अप GST सहित दिखता है।

कैश दे सकते हैं?

हाँ। UPI, कार्ड और कैश — तीनों चलते हैं।

ड्राइवर को क्या देना होता है?

रोज़/महीने का फ़्लैट पास या ज़्यादा से ज़्यादा 12% कमीशन। हर किराए का कम से कम 80% ड्राइवर का, रोज़ UPI से।

कोटेशन या कॉलबैक

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ड्राइवर बनें — फ़ाउंडिंग ड्राइवर को 3 महीने फ़्री

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